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परियोजना के पीछे है जिनका प्रोत्साहन

ईप्रकाशक.कॉम नामक अ-लाभाधारित (non-profit) परियोजना की शुरूआत हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में यूनिकोड आधारित ई-पुस्तकें तैयार करने की चुनौती के रूप में हुई। हम यह स्थापित करने में सफल रहे हैं कि हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में तकनीक संबंधी सीमाओं को हल कर अंग्रेजी या अन्य पश्चिमी भाषाओं जैसी ही ई-पुस्तकें तैयार करना संभव है।

इस परियोजना की परिकल्पना, उसे प्रोत्साहित करने और व्यावहारिक रूप देने में जिन व्यक्तित्वों की अहम भूमिका है, वे हैं:

श्री राहुल देवः हिंदी के यशस्वी संपादक, टेलीविजन प्रस्तोता, लेखक और भाषा के अस्तित्व तथा विकास के प्रति गहन सरोकार रखने वाले हिंदी सेवी। जनसत्ता, आजतक, ज़ी न्यूज़, सीएनईबी और आज समाज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से संबद्ध रहे श्री देव हिंदी से जुड़ी केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य हैं और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं। ख़बर और भाषा के साथ-साथ तकनीक के प्रति उनका विशेष अनुराग है। हिंदी की भावी दिशा और दशा पर उनका चिंतन और सरोकार अक्सर चर्चा के विषय रहे हैं।
श्री विजय कुमार मल्होत्राः भारतीय रेलवे में निदेशक पद से सेवानिवृत्त श्री मल्होत्रा हिंदी और तकनीक के क्षेत्र में सुपरिचित व्यक्तित्व है ।वे माइक्रोसॉफ्ट की अनेक महत्वपूर्ण भाषायी परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं और हिंदी की तकनीकी यात्रा के अच्छे-बुरे पड़ावों के साक्षी रहे हैं। हिंदी को सक्षम बनाने वाली तकनीकी परियोजनाओं में हमेशा हाथ बँटाते रहने वाले श्री मल्होत्रा यॉर्क विश्वविद्यालय और पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के प्रकल्पों से भी जुड़े रहे हैं। वे कंप्यूटर के संदर्भ में हिंदी के प्रयोग पर विशेष अधिकार रखते हैं और इस विषय पर एक पुस्तक के रचयिता हैं।
बालेन्दु शर्मा दाधीच श्री बालेन्दु शर्मा दाधीच:  श्री दाधीच हिंदी, तकनीक और मीडिया के क्षेत्रों में सुपरिचित नाम हैं। एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में भारतीय भाषाओं संबंधी गतिविधियों का नेतृत्व करने के साथ-साथ वे एक बहुभाषीय वेब पोर्टल का भी नेतृत्व करते हैं। इससे पूर्व वे प्रभासाक्षी.कॉम नामक लोकप्रिय वेब पोर्टल के समूह संपादक रहे हैं। राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता बालेन्दु तकनीकी विषयों पर व्यापक लेखन के साथ-साथ शोध और विकास के कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं। उन्हें और भी कई कई सरकारी-गैर-सरकारी पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। हिंदी वर्ड प्रोसेसर 'माध्यम' और हिंदी टाइपिंग ट्यूटर 'स्पर्श' जैसे निःशुल्क हिंदी सॉफ्टवेयरों के विकासकर्ता श्री दाधीच सन 2000 से हिंदी में 'फ्री एंड ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर' की परिकल्पना पर काम कर रहे हैं।

 

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दिल्ली पुस्तक मेला की मुख्य थीम बनी ईबुक

दिल्ली में आयोजित दिल्ली पुस्तक मेले की मुख्य थीम के रूप में इस बार ई-बुक्स को लिया गया। यह भारत में ई-बुक्स की बढ़ती लोकप्रियता और उपयोगिता की ओर संकेत देता है। मेले के दौरान ई-बुक्स से जुड़े विविध कार्यक्रम हुए और हजारों ई-बुक्स प्रदर्शित की गईं। पुस्तक मेला में ई-बुक्स के प्रति दिखाई दिए उत्साह ने स्पष्ट कर दिया कि हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाएँ किताबों की दुनिया में एक नई रचनात्मक क्रांति के लिए तैयार हैं, और वह है- ई-बुक क्रांति।

Kindle ebook sales overtake Amazon print sales

Amazon.co.uk has said that sales of its Kindle ebooks are now outstripping its sales of printed books.Underlining the speed of change in the publishing industry, Amazon said that two years after introducing the Kindle, customers are now buying more ebooks than all hardcovers and paperbacks combined. According to unaudited figures released by the company, since the start of 2012, for every 100 hardback and paperback book sold on its site, customers downloaded 114 ebooks. Amazon said the figures included sales of printed books which did not have Kindle editions.
   Source: The Guardian, London

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